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जनता कर्फ्यू: महाकाल मंदिर में बंद नहीं होंगे पट, कम संख्या में आकर पुजारी-पुरोहित निभाएंगे परंपरा
Ujjain News: कोरोना वायरस के प्रभाव से बचाने के लिए 22 मार्च को जनता कफ्र्यू होगा। ऐसे में महाकाल मंदिर में आरतीयों और पूजा पद्धति पर कोई असर नहीं होगा, पट खुले रहेंगे।
कोरोना वायरस के प्रभाव और इसके दुष्परिणाम से बचाने के लिए 22 मार्च को जनता कफ्र्यू होगा। ऐसे में महाकाल मंदिर में प्रतिदिन होने वाली विभिन्न आरतीयों और पूजा पद्धति पर कोई असर नहीं होगा, पट खुले रहेंगे। इस संबंध में शुक्रवार देर शाम मंदिर प्रशासक ने बैठक बुलाई।
आम और खास श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोका
पिछले चार दिनों से महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान सभी आम और खास श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोका गया है। यहां तक कि अन्नक्षेत्र, धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं को ठहरने नहीं दिया जा रहा है। प्रशासक एसएस रावत ने बैठक आयोजित कर अधिकारियों को कहा है कि 22 मार्च को होने वाले जनता कफ्र्यू के दौरान विशेष सतर्कता बरतना होगी। वहीं 16 पुजारी, 21 पुरोहित इकट्ठे होकर मंदिर न आएं। सामान्य रूप से आकर मंदिर में होने वाली विभिन्न आरतीयों की परंपरा का निर्वाहन करें। 22 मार्च से आगामी आदेश तक कम संख्या में श्रद्धालुओं से आने की अपील की गई है।
मंदिर की साफ-सफाई पर दे रहे ध्यान
सुरक्षा प्रभारी रूबी यादव ने बताया कि प्रशासक द्वारा निर्णय लिया गया है कि इस समय मंदिर पूर्णत: खाली है। इसका लाभ लेते हुए मंदिर के उन स्थानों की भी साफ-सफाई हो जाए, जहां सामान्य दिनों में नहीं हो पाती थी। वहीं सेनेटाइजर के उपयोग और मॉस्क पहनने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम में हुई धर्मगुरुओं की बैठक
इधर, पुलिस कंट्रोल रूम में शुक्रवार शाम धर्मगुरुओं की बैठक बुलाई गई। सभी को 22 मार्च को होने वाले जनता कफ्र्यू में सहभागिता के लिए आह्वान करने का निवेदन किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आप अपने उद्बोधन से समाज और शहरवासियों को कम से कम बाहर निकलने की अपील करें। इस बैठक में जत्थेदार सुरेंद्रसिंह अरोरा, महानिर्वाणी अखाड़े के नवनियुक्त महंत विनीत गिरी महाराज, महंत रामेश्वरदास, शहरकाजी खलीकुर्रेहमान, होटल संचालकों की ओर से पं. राजेश त्रिवेदी आदि मौजूद थे।